नियमावली – 10

अधिनियमों के अंतर्गत किये गये उल्लेख के अनुसार अधिकारियों और
कर्मचारियों के साथ क्षतिपूर्ति व्यवस्था के लिए प्राप्त होने वाले मासिक
पारिश्रमिक

कर्मचारियों की सेवा शर्तें

निम्समे ने केन्द्र सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू वेतन मान और सेवा शर्तों को अपने कर्मचारियों के लिए अपनाया है। तदनुसार, प्रत्येक कर्मचारी को वेतन के साथ केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों को समय-समय पर लागू की जाने वाले महंगाई वेतन (डीपी), महंगाई भत्ता (डीए), आवास भत्ते (एचआरए) और परिवहन भत्ते (टीए) का भुगतान किया जाता है।

अन्य लाभ

 • सीएस (एमए) नियमों और शर्तों के अनुसार कर्मचारी और /या जीवन साथी/ बच्चों और आश्रित अभिभावकों आदि पर हुए चिकित्सा खर्च का पुनर्भुगतान किया जाता है।
 • नियमानुसार सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू यात्रा भत्ता रियायत
 • केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर मंजूर गैर-उत्पादित लिंक बोनस, जो गैर राजपत्रित ग्रूप-बी, ग्रूप-सी और ग्रूप-डी कर्मचारियों को दिया जाता है।

सेवानिवृत्ति लाभ

कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के लाभ की बात है, तो निम्समे के कर्मचारी भविष्य निधि (इससे पूर्व भविष्य निधि योगदान के नाम से प्रचलित) योजना का लाभ लागू है, जिसके नियम आंध्र प्रदेश आयकर आयुक्त द्वारा मंजूर किये गये हैं और उक्त निधि को नियमों के अनुसार गठित समिति के द्वारा प्रशासित किया जाता है।

दिनांक 1 अप्रैल, 1982 से निम्समे कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान की परिधि में आ गया है और इसके नियम भी तदानुसार ही लागू होते हैं। हालांकि आंध्र प्रदेश के क्षेत्रिय भविष्य निधि आयुक्त ने निम्से के ईपीएफ ट्रस्ट को छूट दी है और उक्त समिति के द्वारा ही निधि को प्रशासित करने और समय समय पर अनुमोदित निवेश की दर में निवेश करने की प्रक्रिया को जारी रखने को कहा है।

नियमों के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी को हर माह अपने मूल वेतन, महंगाई वेतन, महंगाई भत्ते का कम से कम 12 प्रतिशत और अधिकतम 20 प्रतिशत तक अंशदान करना होगा। प्रत्येक कर्मचारी की जमा राशि के बारे में नियोक्ता को भी अपने मूल वेतन, महंगाई वेतन और महंगाई भत्ते का 12 प्रतिशत अंशदान करना होगा।
कर्मचारी को उसके अंशदान के साथ-साथ नियोक्ता के अंशदान का भी हिस्सा उसकी सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र या मृत्यु होने पर उसके द्वारा घोषित नॉमिनी या कानूनी वारिसों को दिया जा सकता है।

क) मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपदान

1). पांच साल की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारी सेवानिवृत्ति पर सेवा उपदान के लिए योग्य हैं वे योग्य सेवा के प्रत्येक 6 माह की अवधि पूर्ण होने पर मिलने वाले पारिश्रमिक के एक चौथाई ग्रांट पा सकते हैं (सेवानिवृत्ति उपादान) और पारिश्रम की सीमा अधिकत्तम सा़ढे सोलह गुणा तक होगी।
2) सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर मृत्यु उपादान का भुगतान उसके परिवार को निम्नलिखित तालिका के अनुसार भुगतान किया जाएगा। जैसे –

योग्य सेवा की अवधि मृत्यु उपादान का दर
(1) एक वर्ष से कम पारिश्रमिक का दो गुणा
(2) एक वर्ष या उससे ज्यादा परंतु 5 वर्ष से कम पारिश्रमिक का 6 गुणा
(3) 5 वर्ष या उससे अधिक पर 20 वर्ष से कम पारिश्रमिक का 12 गुणा
(4) 20 वर्ष या उससे अधिक योग्य सेवा की छमाही पर मिलने वाले
पारिश्रमिक का आधा और पारिश्रमिक
की अधित्तकम सीमा 33 गुणा रहेगी।

नियमों के अनुसार,सेवानिवृत्ति उपादान या मृत्यु उपादान के भुगतान की राशि 10 लाख रुपये से अधिक किसी भी कीमत पर नहीं होगी।

ख) अर्जित अवकाश का नगदीकरण

प्रत्येक कर्मचारी की सेवानिवृत्ति या सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उसको देय अंतिम अर्जित अवकाश के नगदीकरण की राशि के समकक्ष भुगतान किया जायेगा इसकी अधिकत्तम सीमा 300 दिन होगी।