स्वसहायता समूह (एसएचजी) की संकल्पना समाज के बेरोजगार युवाओं, महिलाओं, अल्पसंख्यकों एवं कमज़ोर तबकों जैसे आर्थिक, भौतिक एवं सामाजिक रूप से चुनौतीपूर्ण वर्गों का उत्थान करने के लिए एक प्रभावी व्यूह रचना के रूप में विस्तृत रूप में स्वीकृति पा चुकी है। किसी विकासशील समाज में स्वस्थ रूप से विकसित स्वसहायता समूहों के तर्कसंगत विस्तार अर्थात अपना अस्तित्व बनाए रखने में सक्षम उद्यमों के विकास के लिए सूक्ष्म वित्त आपूर्ति के साथ जोड़ना है। सूक्ष्म वित्त आपूर्ति को स्वसहायता समूहों के सदस्यों को आजीविका के माध्यम से बेहतर जीवन यापन मानकों को हासिल करने के लिए आर्थिक और सामाजिक सहायक तत्व के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। सूक्ष्म वित्त आपूर्ति की गतिविधियों और उसकी सफलता के महत्व को पहचानकर निम्समे के गैर सरकारी संगठन ‘एन-क्यूब नेटवर्किंग सेंटर’ ने इस विषय को अपनी मुख्य गतिविधि के रूप में अपनाया। एन-क्यूब की ओर से राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तरों पर कार्यशालाओं के आयोजन के साथ ही प्रशिक्षण, अनुसंधान कार्यों के संचालन और परामर्श की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।