देश में, लघु उद्यमों की आवश्यकताओं को पूर्ण करने और लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाने के लिए लघु उद्योग विकास संगठन (सिडो) ने लघु उद्योग समूह विकास (स्मॉल एंटरप्राइजेस क्लस्टर डेवलपमेंट) कार्यक्रम शुरू किया है। इस कड़ी में लघु उद्योगों की गतिविधियों को सुचारू बनाने के लिए देश में क्लस्टर डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर के संसाधन केंद्र का गठन आवश्यक महसूस हो रहा था । इसी के फलस्वरूप भारत सरकार के विकास आयुक्त (एसएसआई) के सक्रिय सहयोग से जनवरी, 2004 में निम्समे की ओर से क्लस्टर डेवलपमेंट के लिए राष्ट्रीय स्रोत केन्द्र (एनआरसीडी) शुरू किया गया।

एनआरसीडी द्वारा सिडो के 20 समूह विकास कार्यकारियों के लिए तीन चरणीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया और कार्यान्वयन के दौरान सहमत एवं अनुश्रवण सेवाएँ प्रदान की गई। इसके अलावा इस केन्द्र द्वारा राज्य सरकार के कई अधिकारियों, सहायक संस्थानों के अधिकारियों, एसआईएसआई के निदेशकों, बैंक अधिकारियों, गैर सरकारी संगठनों तथा ‘स्फूर्ति’ संगठन के अधिकारियों के लिए भी समूह विकास पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये गये। जबकि अन्य देशों की ओर से समूह विकास पर प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों के लिए प्रायोजित कार्यक्रमों का भी संचालन किया गया। इसके अतिरिक्त यह नरसापुर में क्रोशे लेस समूह की विकास पहलों के कार्यान्वयन में भी सक्रिय रूप से कार्यरत है। फिलहाल यह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी एवं मुबारकपुर के दो हथकरघा समूहों में विकास पहलों का कार्यान्वयन कर रहा है।

इस केन्द्र ने विकास आयुक्त (हस्तकला) द्वारा प्रायोजित 10 हस्तकला समूहों (क्लस्टरों) में निदान अध्ययन पूर्ण किया है। एनआरसीडी को स्फूर्ति के अंन्तर्गत केवीआईसी के 21 समूहों और हस्तकला के 7 समूहों के लिए तकनीकी बाज़ार के रूप में, 3 हस्तकला समूहों के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में और उत्तर प्रदेश के बाराबंकी तथा मुबारकपुर के 134 समूहों के लिए दो चरणीय सिडो समूह विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अनुश्रवण एजेंसी के रूप में चुना गया।

एनआरसीडी की ओर से एक त्रैमासिक समाचार पत्र (एसएसआई क्लस्टर न्यूज) भी प्रकाशित किया गया, जो दो खण्डों में है।
    1. एसएमई समूह विकास - एक प्रशिक्षण निर्देश पुस्तिका
    2. समूह विकास के लिए हस्तक्षेप उपकरण - एक हस्तपुस्तिका ।