डॉ. दिब्येन्दू चौधरी
संकाय सदस्य एवं उद्यमिता सूचना एवं संचार स्कूल प्रभारी

डॉ. दिब्येन्दू चौधरी उद्यम प्रबंधन स्कूल के संकाय सदस्य तथा उद्यम संचार एवं सूचना स्कूल के प्रभारी हैं। निम्समे में नियुक्ति से पूर्व वह भारत के उच्च श्रेणी वाले बिजिनेस स्कूल में विपणन और खुदरा प्रबंधन विषय के सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने वाणिज्य और प्रबंधन में पीएचडी की उपाधि उत्तर उडीसा विश्वविद्यालय (नॉर्थ ओडिसा यूनिवर्सिटी) से पूरी की। वह आईएफरीएसएम ऑस्ट्रेलिया और आईआईएमएम के अंतर्गत आईआईडब्ल्यूबीएसएम से किये जाने वाले अनुसंधान के प्रबंधन सदस्य हैं। मुख्य रूप से उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक उपाधि प्राप्त कर चुके डॉ. चौधरी को उद्योग क्षेत्र का 17 वर्षों से भी अधिक अनुभव है, खास तौर पर उन्हें विपणन, आउटसोर्सिंग, बिक्री, कार्पोरेट कम्युनिकेशन और वैश्विक स्तर पर संगठनों का प्रबंधन करने का गहरा अनुभव है। उन्होंने भारत के साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका में भी कार्य किया है और व्यापार के लिए करीब 15 देशों की यात्राएँ की हैं। वह इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन (आईटीई) और हायर एजुकेशन फोरम (एचईएफ) के आजीवन सदस्य हैं। उन्होंने रोन्को कैण्डल्स (संयुक्त राज्य अमेरिका), एपिकेयर लिमिटेड (यूनाइटेड किंगडम), डिशारी (कनाडा), कॉयर बोर्ड, सीडीसी, एनएमडीसी, सिंगनेरी कोलरीज आदि जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ परामर्श के कई कार्यों को सक्षमता के साथ पूरा किया है। उद्योग क्षेत्र के अपने अनुभव के अलावा उन्हें भारत के कई प्रतिष्ठित अकादमिक संस्थानों में अध्यापन और प्रशिक्षण कार्यों का 7 वर्ष से भी अधिक अनुभव अनुभव है। विभिन्न प्रतिष्ठित संदर्भ पत्रिकाओं उनके कई लेख प्रकाशित हो चुके हैं साथ ही उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में भी कई शोध-पत्र प्रस्तुत किये हैं। उनके पसंदीदा अनुसंधान क्षेत्रों में ग्राहकों का बर्ताव, ई-रिटोलिंग, उद्यमिता, सीआरएम और लघु तथा मध्यम उद्यमों से संबंधित विपणन के अन्य आधारभूत क्षेत्र तथा चिरकालिक कार्यनीतियों का सृजन शामिल हैं।

डॉ. को विश्वेश्वर रेड्डी
संकाय सदस्य

डॉ. के विश्वेश्वर रेड्डी इस संस्थान के संकाय सदस्य हैं। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से अर्थशास्त्र विषय के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त करने के बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद से स्नातकोत्तर उपाधि पूरी की। इसके बाद उन्होंने अनंतपुर स्थित श्री कृष्ण देवराया विश्वविद्यालय से ‘कर्नूल ज़िले (आंध्र प्रदेश) में कपास की खेती के कुछ पहलू’ विषय पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा संचालित नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) भी उत्तीर्ण की है। डॉ. रेड्डी को प्रबंधन क्षेत्र में अध्यापन का 22 वर्षों का अनुभव है और उन्होंने आंध्र प्रदेश के कुछ प्रतिष्ठित कॉलेजों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में उनके कई लेख पत्र प्रकाशित हो चुके हैं और इसके अतिरिक्त देशभर में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भी अपने पत्र प्रस्तुत किये हैं। उन्होंने ‘व्यापार अर्थशास्त्र’ शीर्षक की एक पुस्तक भी लिखी है, जिसे श्री कृष्ण देवराया विश्वविद्यालय, अनंतपुर के दूरस्थ शिक्षा केंद्र द्वारा पाठ्य-पुस्तक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

डॉ. रेड्डी को उद्यमिता को लेकर काफी जोशीले हैं और वह उद्यमिता की प्रतिभा को निखारने की प्रक्रिया में काफी गहरी रुचि लेते हैं। इसके अलावा वह लघु और मध्यम उद्यमों की स्थापना के लिए उद्यमिता प्रतिभा का विकास करने में कार्य से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न उद्यमिता और विकास कार्यक्रमों के लिए रिसोर्स पर्सन के रूप में भी कार्य किया है। उनका योगदान मुख्य रूप से सामान्य प्रबंधन, औद्योगिक प्रबंधन, और ग्रामीण कारीगरों का विकास करने में रहा है। कृषि आधारित व्यवसायों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और विस्तार में भी उन्होंने गहरी रुचि का परिचय दिया है। इस स्कूल में डॉ. रेड्डी द्वारा संचालित की जा रही की गतिविधियों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के साथ ही अनुसंधान और परामर्श गतिविधियों का संचालन भी शामिल हैं।

डॉ. ई. विजया
संकाय सदस्य

डॉ. ई. विजया उद्यम प्रबंधन स्कूल (एसईएम) की संकाय सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने व्यापार प्रबंधन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के साथ ही उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से वित्तापूर्ति और विपणन (फाइनांस एंड मार्केटिंग) में विशेषज्ञता हासिल की है। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से ‘बिहेविएरल पैटर्न ऑफ रिटेल इक्विटी इनवेस्टर्स : विथ रेफरेंस टू ट्विन सिटीज़’ विषय पर व्यापार प्रबंधन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें अकादमिक और अनुसंधान कार्यों का नौ से भी अधिक वर्षों का गहरा अनुभव है। उन्हें स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधि में स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है और उन्होंने प्रबंधन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय योग्यता जाँच परीक्षा (नेट) तथा आंध्र प्रदेश राज्य योग्यता जाँच परीक्षा (ए पी-सेट) उत्तीर्ण की है।

डॉ. विजया नेशनल अकादमी ऑफ कस्टम्स, एक्साइज एंड नार्कोटिक्स (एनएसीईएन), मुंबई द्वारा प्रमाणित जीएसटी प्रशिक्षक हैं। उन्होंने हैदराबाद और आस-पास के क्षेत्रों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के बारे में कई कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया है। उन्होंने विभिन्न उद्यमिता विकास कार्यक्रमों और विभिन्न उद्योग संगठनों में आयोजित जीएसटी कार्यशालाओं में रिसोर्स पर्सन के रूप में भी अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रबंध संकाय के लिए केस मेथोडोलॉजी पर संकाय विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया और उन्होंने स्वयं संकाय विकास कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों तथा सम्मेलनों में भाग लिया। राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात विभिन्न समाचर पत्र-पत्रिकाओं में उनके कई लेख प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने आईआईएम बैंगलोर, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास, उस्मानिया विश्वविद्यालय और जेएनटीयू, हैदराबाद में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में अपने अनुसंधान पत्र प्रस्तुत किये हैं। उनके पसंदीदा क्षेत्र वित्ती प्रबंधन, वित्तीय बाज़ार, लघु एवं मध्यम उद्योगों को वित्तापूर्ति, निवेश और जोखिम प्रबंधन रहे हैं।

वी. स्वप्ना
सहायक संकाय सदस्य

श्रीमती वी. स्वप्ना उद्यम प्रबंधन स्कूल के बौद्धिक संपदा अधिकार के सहायक संकाय सदस्य हैं। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से वस्त्र प्रौद्योगिकी में स्नातक उपाधि हासिल की है और नलसार विश्वविद्यालय से पेटेंट लॉ में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पूरा किया है। उन्हें 500 फॉर्चून कंपनियों, भारतीय कंपनियों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, विश्वविद्यालयों के उपभोक्ताओं और खोजकर्ताओं को सेवा प्रदान करने वाले विश्लेषण युक्त पेटेंट तथा गैर-पेटेंट साहित्य के बारे में सात वर्ष का अनुभव प्राप्त है। वह पेटेंट विश्लेषण के बारे में उद्योगों के विस्तृत क्षेत्र में प्रदर्शन कर रही हैं, जिसमें वस्त्रोद्योग, रसायन, जैवप्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल, नैनो प्रौद्योगिकी, ऊर्जा आदि शामिल हैं। उन्हें परियोजनाओं का संचालन करने का भी गहरा अनुभव है। इन परियोजनाओं में अनोखी खोज, अविधिमान्यकरण, संचालन की स्वायत्तता (एफटीओ), प्रतिस्पर्धात्मक दृश्यभूमि तथा नवीनता मूल्यांकन आदि शामिल हैं। उन्हें वाणिज्यिक पेटेंट, व्यापार चिह्न (ट्रेडमार्क) तथा व्यापार डेटा बेस का भी अच्छा ज्ञान है।

टी. वेंकटेश्वर रेड्डी
परामर्शदाता

श्री टी वेंकटेश्वर रेड्डी उद्यम प्रबंधन स्कूल के औद्योगिक साख एवं वित्ती सेवा केंद्र (सी- आई.सी.एस.एफ.) में बतौर परामर्शदाता कार्य कर रहे हैं। नागार्जुना विश्वविद्यालय से वाणिज्य शाखा में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल कर चुके श्री रेड्डी ने वित्तीय लेखा, परियोजना मूल्यांकन तथा सक्रिय पूंजी वित्तपोषण एवं प्रबंधन के बारे में विशेषज्ञता हासिल की है। अपने लम्बे करियर में उन्होंने खास तौर पर अस्वस्थ इकायों के मामलों का अध्ययन (केस स्टडी), प्राथमिकता वाले क्षेत्र के लिए पेशगी संबंधी मानदंडों की निगराणी, मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री रोज़गार योजना (पीएमआरवाई) में सहभागिता, केरल के हस्तकलाकारों की गणना में सहभागिता तथा ‘आंध्र प्रदेश के पिछड़े ज़िलों में उद्योगों का प्रभाव – खम्मम जिले के संदर्भ में’ विषय पर अनुसंधान परियोजना में योगदान किया है। वह यूनेस्को की परियोजना से भी संबद्ध रहे हैं और लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास में आर्थिक सुधार विषय पर कार्यशालाओं के आयोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर चुके हैं।

श्री रेड्डी फिलहाल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन तथा हस्तक्षेपों के डिज़ाइनिंग का कार्य कर रहे हैं।