के. सूर्यप्रकाश गौड़
संकाय सदस्य

श्री के. सूर्यप्रकाश गौड़ संकाय सदस्य हैं। उन्हें मैकेनिकल इंजीनियरिंग और प्लास्टिक इंजिनियरिंग में स्नातक उपाधि प्राप्त है तथा वे दो दशकों से भी अधिक समय से उद्योग एवं अकादमिक क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों, उभरते उद्यमियों के लिए उद्यमिता, कौशल विकास और क्लस्टर विकास से संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया है। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न अनुसंधान तथा परामर्श परियोजनाओं में भी भाग लिया है। उन्हें कारीगरों, स्वसहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों और कारीगरों के क्लस्टरों का मज़बूतीकरण करने में भी विशेषज्ञता प्राप्त है। नवोन्मेष, उद्यमिता, क्लस्टर विकास, गैर सरकारी संगठन, तथा सूक्ष्म एवं लघु व्यवसायों का विकास उनके पसंदीदा क्षेत्र हैं। निम्समे के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लघु और मध्यम क्षेत्र की प्लास्टिक उद्योग इकाइयों में सेवा की है। वे खास तौर पर मोटर वाहन, फर्नीचर और उपभोक्ता उत्पादों के डिज़ाइन तथा विकास में सहायक रहे हैं। उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया तथा सुधार और मूल्य कटौती के बारे में भी नवीनतम पद्धतियों का विकास किया है। वे श्रीनिधि इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हैदराबाद के उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ के मुख्य परियोजना अधिकारी के रूप में दो वर्ष तक कार्य कर चुके हैं। वे इंजीनियरिंग, प्रबंधन और पॉलीटेक्निक के विद्यार्थियों तथा ग्रामीण बेरोज़गार युवाओं के साथ ही महिलाओं के लिए उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन और डिज़ाइन भी कर चुके हैं। उनके द्वारा की गई अन्य पहलों में राष्ट्रीय स्तर की नवोन्मेष प्रतियोगिता का आयोजन, उद्योग-संस्थान पारस्परिक संवाद कार्यक्रम तथा इन्नोवेशन एंड क्रिएटीविटी क्लब का गठन शामिल है।

श्री पीएनबीवी चलपति राव
संकाय सदस्य

पी.एन.बी.वी. चलपति राव उद्यम विकास स्कूल के संकाय सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्नातकोत्तर उपाधि (एम.टेक.) प्राप्त करने के साथ ही ऊर्जा प्रणालियों में विशेषज्ञता हासिल की है। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की उपाधि प्राप्त की है। वे ब्यूरो ऑफ एनर्जी इफिशिएंसी (बीईई), भारत सरकार की ओर से प्रमाणित एनर्जी ऑडिटर भी हैं। श्री चलपति राव ने नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया है। उनके कार्य का स्वरूप जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय ऊर्जा मिशन (जेएनएनएसएम) के अंतर्गत सौर ऊर्जा से संबंधित गतिविधियों में नीतियों, प्रौद्योगिकी विन्यास (टेक्नोलॉजी कॉन्फिग्रेशन्स) तथा मार्गदर्शक सिद्धांतों का विकास करने का रहा। श्री चलपति राव ने भारतीय उद्योग महासंघ (सीआईआई) – सोराबजी गोदरेज बिजिनेस सेंटर (जीबीसी) में ऊर्जा प्रभावशीलता विभाग में अभियंता के रूप में कार्य किया है। वहाँ पर उन्होंने 30 राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय विस्तृत ऊर्जा परीक्षण टीम की अगुवाई की है। उन्हें ताप बिजली और उपयोगिता के क्षेत्रों के बारे में प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रोसेस ऑप्टिमाइज़ेशन स्टडीज़, जीएचजी इन्वेंशराइज़ेशन और अन्य गतिविधियों के साथ नियमावलियों की तैयारी, केस स्टडीज़, दौरों का आयोजन, तकनीकी संगोष्ठियों का आयोजन विपणन आदि का भी अनुभव है। उन्होंने आंध्र प्रदेश उत्पादकता परिषद (एपीपीसी), हैदराबाद में परामर्शदाता के रूप में भी अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं। उनके कार्य के स्वरूप में उत्पादकता के मानदंडों को प्राप्त करने और कार्यक्षमता के उपयोग के अलावा मानव संसाधन के पुनर्गठन के लिए विस्तृत मानव संसाधन अध्ययन तथा श्रमिकों की कार्यनिष्पादन क्षमता और उत्पादकता के आधार पर मुआवज़ा योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने का रहा है।

जे. कोटेश्वरराव
सह-संकाय सदस्य

जे. कोटेश्वरराव सह-संकाय सदस्य हैं। उन्होंने हैदराबाद स्थित जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जेएनटीयू) से एम.टेक. (पर्यावरणीय अभियांत्रिकी) की उपाधि हासिल की है। विगत में उन्होंने आंध्र प्रदेश उत्पादकता परिषद (एपीपीसी), हैदराबाद में सहायक निदेशक (ग्रामीण एवं सरकारी कार्यक्रम) के तौर पर कार्य किया है। उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं के आयोजन का विस्तृत अनुभव है। इसके अलावा वह पर्यावरणीय निगरानी विज्ञान (एन्वायरनमेंटल मॉनिटरिंग साइंस) एवं प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास, रासायनिक तथा भेषज उद्योगों में पर्यावरणीय मुद्दे, पुनर्वास एवं पुनर्वसन, घन, घातक एवं जैव-भेषज कचरा प्रबंधन, उद्यमिता विकास, क्लस्टर डेवलपमेंट आदि विषयों के अनुसंधान कार्यों से भी जुड़े रहे हैं।

श्री विवेक कुमार
सह-संकाय सदस्य

श्री विवेक कुमार उद्यम विकास स्कूल के सह-संकाय सदस्य हैं। उन्होंने दो स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्राप्त की हैं, जिनमें मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन्स तथा मास्टर ऑफ बिजिनेस एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं। श्री विवेक कुमार को माइक्रो फाइनांस और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण गरीबी उन्मूलन में वैविध्यपूर्ण अनुभव प्राप्त है। हाल ही में उन्होंने आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यशालाओं का आयोजन किया है। वह खास तौर पर आईएमसी सदस्यों के लिए जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) के अंतर्गत 1396 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नतीकरण योजना के अंतर्गत आईएमसी सदस्यों के लिए कार्यशाला के संचालन से भी जुड़े रहे हैं। वे विभिन्न क्षमता वाले कार्पोरेटरों के साथ ही पिछले एक दशक से कार्य कर रहे हैं और निगराणी, प्रशिक्षण एवं विकास गतिविधियों के साथ मानव संसाधन संबंधी क्रियाकलापों के बारे में कार्य किया है। उन्होंने आईएसओ के लिए अंतर्गत लेखा परीक्षक के रूप में योग्यता प्राप्त करने के बाद वर्ष 2006 में विभिन्न लेखापरीक्षण भी पूर्ण किए हैं।

डॉ. जी. पी. वल्लभ रेड्डी
परामर्शदाता

डॉ. जी. पी. वल्लभ रेड्डी संस्थान के संकाय सदस्य एवं प्रभारी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी हैं। उन्हें वाणिज्य शाखा में पी.एच.डी. की उपाधि तथा सांख्यिकी में विद्या निष्णात की उपाधि प्राप्त है। इसके साथ ही उन्होंने आईआरपीएम में तथा प्रशिक्षण एवं विकास विषय में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की उपाधि हासिल की है। डॉ. रेड्डी व्यवहार साध्यता (फैज़िब्लिटी) एवं स्वरोजगार कार्यक्रम के विशेषज्ञ हैं। इस क्षेत्र में उनका विस्तृत योगदान अनुसंधान तथा परामर्श के साथ ही व्यापक कार्यक्रम मूल्यांकन, परियोजना मूल्यांकन, परिणाम अध्ययन, औद्योगिक संभाव्यता सर्वेक्षण, बृहद एवं मध्यम उद्योग अध्ययन, सभी राज्यों के माध्यम से उद्योग विकास के लिए आवश्यक मूलभूत ढाँचे की पहचान आदि के बारे में रहा है। संस्थान के स्कूलों में डॉ. रेड्डी प्रशिक्षण तथा अनुसंधान कार्यक्रमों के आयोजन संबंधी पर्यवेक्षण तथा अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं।

श्री एन. आर. प्रसाद रेड्डी
परामर्शदाता

श्री एन. आर. प्रसाद रेड्डी उद्यम विस्तार स्कूल (एसईडी) के परामर्शदाता हैं। इंदौर विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में स्नातक उपाधि हासिल कर चुके श्री रेड्डी कम लागत वाली परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने और कृषि उद्योगों के नियोजन तथा प्रोत्साहन में विशेषज्ञता रखते हैं। श्री रेड्डी की प्रमुख उपलब्धियों में भारत में लघु उद्योगों की सांख्यिकी के बारे में विवरणिका 1999, आंध्र प्रदेश में सीएमवाई कार्यक्रम तथा आराधना परियोजना का समवर्ती मूल्यांकन और मध्य प्रदेश के इंदौर ज़िले में उसके केंद्र की गतिविधियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री रोजगार योजना (पीएमईवाई) उनकी विशेष उपलब्धियों में शामिल है। श्री रेड्डी अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं परामर्श के क्षेत्रों में कार्यक्रमों के रूपांकन तथा समन्वयन से जुड़े हैं।

श्री एल. विजय कुमार
परामर्शदाता

श्री एल. विजय कुमार को औद्यौगिक संबंध एवं प्रबंधन कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग तथा कम्प्यूटर एप्लिकेशन्स विषयों में स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्राप्त हैं। उन्हें उद्यम इकाइयों तथा अकादमिक कामकाज का 20 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने पीएमआरवाई तथा सीएमईवाई लाभार्थियों के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों तथा सरकारी अधिकारियों के लिए आंध्र प्रदेश उत्पादकता परिषद में कम्प्यूटर साक्षरता कार्यक्रमों का संचालन किया है। उन्होंने इंजीनियरिंग तथा प्रबंधन के के विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों के साथ कार्य करते समय रियल टाइम प्रोजेक्टों को अंजाम देने के बारे में भी मार्गदर्शन किया है। वे विश्व बैंक के ऊर्जा जाँच (एनर्जी ऑडिट) कार्य का भी हिस्सा रह चुके हैं। सम्प्रति वह क्लस्टर विकास गतिविधियों में संलग्न हैं।

श्री जी. राजकुमार
परामर्शदाता

श्री जी. राजकुमार उद्यमिता विकास स्कूल के परामर्शदाता हैं, जिन्हें खादी एवं ग्रामोद्योग के साथ ही हस्तशिल्प के बारे में गहरा अनुभव है। उन्हें समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त है। वे स्फूर्ति कार्यक्रम के अंतर्गत आंध्र प्रदेश के चित्तूर वूड क्राफ्ट क्लस्टर के लिए क्लस्टर विकास कार्यकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने चित्तूर तथा कड़पा ज़िलों में विभिन्न खादी क्लस्टरों के कारीगरों को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन किया है। इससे पूर्व उन्होंने तेलंगाना के मेटपल्ली खादी ग्रामोद्योग प्रतिष्ठान के लिए भी एक दशक से भी अधिक समय तक कार्य करने के साथ ही संस्थान की पुनर्रचना में भी अहम भूमिका अदा की है। उन्हें गस्तशिल्प क्षेत्र के लिए कौशल और डिज़ाइन विकास कार्यक्रमों का कार्यान्वयन करने में भी विशेषज्ञता प्राप्त है। सम्प्रति वह ग्रामीण क्लस्टरों के सहायता का कार्य कर रहे हैं।