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संकाय सदस्य एवं प्रभारी निदेशक
जी.यू.के. राव

डॉ. जी.यू.के. राव संस्थान के संकाय सदस्य एवं उद्यम विकास स्कूल (एसईडी) के प्रभारी निदेशक तथा औद्योगिक नियोजन एवं विकास केंद्र के प्रमुख हैं। साथ ही वह संस्थान के नीति अनुसंधान केंद्र के भी प्रमुख हैं। उन्हें अपने लम्बे करियर में अनुसंधान के लिए एएससीआई तथा टीईसीएस के साथ जुड़ने का अवसर भी प्राप्त हुआ है। इसके अलावा उन्होंने अल्पावधि के लिए एक निजी कम्पनी के प्रबंधक के तौर पर भी कार्य किया है। शिक्षार्जन के अंतर्गत उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से विज्ञान शाखा में निष्णात की उपाधि हासिल की है, जबकि अर्थशास्त्र में पी.एच.डी की उपाधि श्री वेंकटेश्वरा (एस.वी.) विश्वविद्यालय से हासिल की है। उन्होंने उद्योगों के लिए प्रशिक्षण एवं परामर्श के बारे में क्रानफील्ड स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के भी एक कार्यक्रम में भाग लिया है। डॉ. जी.यू.के. राव को क्षेत्रीय नियोजन, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के विकास, परिणामपरक विश्लेषण, व्यवहार साध्यता (फैज़िब्लिटी) आभ्यास, परियोजना सुसूत्रीकरण आदि विषयों में विस्तृत आभ्यास के साथ ही निपुणता प्राप्त है। उन्होंने कई अनुसंधान आभ्यासों एवं परियोजनाओं के अलावा खास तौर पर परिणाम आभ्यासों, परियोजना मूल्यांकन तथा औद्योगिक संभाव्यता सर्वेक्षणों में भाग लिया है। दीर्घावधि और अल्पावधि के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के समन्वय का भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है। इसके अलावा अनुसंधानकर्ताओं के मार्गदर्शन, अतिथि व्याख्यान तथा उनके निपुणता के क्षेत्र में भी वह विभिन्न तरह की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। वह सार्वत्रिक विश्वविद्यालय, हैदराबाद, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल बैंकिंग-पुणे तथा स्टेट बैंक इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट जैसे विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के सम्माननीय अतिथि संकाय के रूप में भी भूमिका अदा कर रहे हैँ। श्री राव ने प्रतिष्ठित भारतीय पत्रिकाओं में अर्थसास्त्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर अनुसंधान-पत्र प्रकाशित करवाए हैं। विभिन्न संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं में भी उन्होंने भाग लेकर अपना योगदान दिया है। इसके अलावा उन्होंने कई प्रकाशित एवं अप्रकाशित कार्यों में सहायक लेखक के तौर पर योगदान दिया है एवं धर्मनिरपेक्षता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर अपनी अलग पहचान बनाई है।

संकाय सदस्य एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी
डॉ. जी. पी. वल्लभ रेड्डी

डॉ. जी. पी. वल्लभ रेड्डी संस्थान के संकाय सदस्य एवं प्रभारी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी हैं। उन्हें वाणिज्य शाखा में पी.एच.डी. की उपाधि तथा सांख्यिकी में विद्या निष्णात की उपाधि प्राप्त है। इसके साथ ही उन्होंने आईआरपीएम में तथा प्रशिक्षण एवं विकास विषय में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की उपाधि हासिल की है। डॉ रेड्डी का विशिष्टता पूर्ण क्षेत्र व्यवहार साध्यता (फैज़िब्लिटी) एवं स्वरोजगार कार्यक्रम रहा है। इस क्षेत्र में उनका विस्तृत योगदान अनुसंधान तथा परामर्श के साथ ही व्यापक कार्यक्रम मूल्यांकन, परियोजना मूल्यांकन, परिणाम अध्ययन, औद्योगिक संभाव्यता सर्वेक्षण, बृहद एवं मध्यम उद्योग अध्ययन, सभी राज्यों के माध्यम से उद्योग विकास के लिए आवश्यक मूलभूत ढाँचे की पहचान आदि के बारे में रहा है। संस्थान के स्कूलों में डॉ. रेड्डी प्रशिक्षण तथा अनुसंधान कार्यक्रमों के आयोजन संबंधी पर्यवेक्षण तथा अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं।

जे. कोटेश्वरराव
सहायक संकाय सदस्य

जे. कोटेश्वरराव सहायक संकाय सदस्य हैं। उन्होंने हैदराबाद स्थित जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जेएनटीयू) से एम.टेक. (पर्यावरणीय अबियांत्रिकी की उपाधि हासिल की है। विगत में उन्होंने आंध्र प्रदेश उत्पादकता परिषद (एपीपीसी), हैदराबाद में सहायक निदेशक (ग्रामीण एवं सरकारी कार्यक्रम) के सहायक निदेशक के तौर पर कार्य किया है। उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं के आयोजन का विस्तृत अनुभव है। इसके अलावा वह पर्यावरणीय निगरानी विज्ञान (एन्वायरनमेंटल मॉनिटरिंग साइंस) एवं प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास, रासायनिक एवं भेषज उद्योगों में पर्यावरणीय मुद्दे, पुनर्वास एवं पुनर्वसन, घन, घातक एवं जैव-भेषज कचरा प्रबंधन, उद्यमिता विकास, क्लस्टर डेवलपमेंट आदि विषयों के अनुसंधान कार्यों से भी वह जुड़े रहे हैं।

के. सूर्यप्रकाश गौड़
सहायक संकाय सदस्य

श्री एम. सूर्यप्रकाश गौड़ ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक उपाधि हासिल क हुई है। उन्हें शिक्षा संस्थानों के साथ सार्वजनिक तथा निजी संस्थानों में कार्य का 19 वर्ष का गहरा अनुभव है। निम्समे के साथ जुड़ने से पूर्व उन्होंने प्लास्टिक के लघु तथा मध्यम उद्ममों में स्थापना और प्रबंधन के बारे में कार्य किया है। वह मोटर वाहन, फर्निचर तथा उपभोक्ता उत्पादों के डिज़ाइन एवं विकास में खासी विषेशज्ञता रखते हैं। इसके अलावा उन्होंने गुणवत्ता सुधार, प्रक्रिया और उत्पाद सुधार और मूल्य कटौती के लिए पद्धतियों का विकास किया है। वे दे वर्ष तक हैदराबाद स्थित श्रीनिधि इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ के मुख्य परियोजना अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग, प्रबंधन तथा पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के साथ ही ग्रामीण बेरोज़गार महिलाओं के लिए उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर उनका आयोजन भी किया है। उनकी ओर से की गई अन्य पहलों में नई तरकीबों के बारे में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता, उद्योग – संस्थान गतिविधियॉँ तथा इन्नोवेशन एण्ड क्रिएटिविटी क्लब शामिल है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों, भावी उद्यमियों के लिए उद्यमिता विकास, कौशल्य विकास एवं उद्योग समूह (क्लस्टर) विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया है। वह लघु तथा मध्यम उद्योग विकास संगठन (एसएमईडीओ)-मॉरीशियस, केवीआईसी, कॉयर बोर्ड तथा झारखंड, उत्तर प्रदेश तमिलनाडु एवं आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न अनुसंधन तथा परामर्श परियोजनाओं में भी भाग लिया है। उन्होंने उभरने की भमता रखने वाले कई उद्यमियों को सहायता की है। वह कलाकारों, स्वसहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों तथा औद्योगिक तथा कालाकारों के क्लस्टरों के सशक्तिकरण की भी क्षमता रखते हैं। उन्होंने उद्यमिता, क्लस्टर विकास और प्रबंधन से संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों/कार्यशाओं/संगोष्ठियों में भी हिस्सा लिया है। वह 50 से भी अधिक औद्योगिक और ग्रामीण क्लस्टरों के निदानात्मक अध्ययन की रिपोर्ट तैयार करने वाली टीम के भी सदस्य रह चुके हैं। वह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा क्लस्टर विकास से संबंधित चार पत्र प्रकाशित कर चुके हैं। संप्रति वह क्लस्टर विकास के राष्ट्रीय संसाधन केंद्र में सहायक संकाय सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनके रुचिपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार, उद्यमिता, क्लस्टर विकास, गैर सरकारी संगठनों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विकास शामिल है।

श्री एन.आर. प्रसाद रेड्डी
परामर्शदाता

श्री एन. आर. प्रसाद रेड्डी उद्यम विस्तार स्कूल (एसईडी) के परामर्शदाता हैं। इंदौर विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में स्नातक उपाधि हासिल कर चुके श्री रेड्डी कम लागत वाली परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने और कृषि उद्योगों के नियोजन तथा प्रोत्साहन में विशेषज्ञता रखते हैं। भारत में लघु उद्योगों के अंकन पर पुस्तिका 1999, आंध्र प्रदेश में सीएमवाई कार्यक्रम तथा आराधना परियोजना का समवर्ती मूल्यांकन और मध्य प्रदेश के इंदौर ज़िले में उसके केंद्र की गतिविधियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री रोजगार योजना (पीएमईवाई) उनकी विशेष उपलब्धियों में शामिल है। श्री रेड्डी अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं परामर्श के क्षेत्रों में कार्यक्रमों के रूपांकन तथा समन्वयन से जुड़े हैं।

श्री विवेवक कुमार
सहायक संकाय सदस्य

श्रि विवेक कुमार उद्यम विस्तार स्कूल (एसईडी) के परामर्शदाता संकाय हैं। वह स्नातकोत्तर स्तर की दो उपाधियाँ प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन्स तथा मास्टर इन बिजिनेस एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं। श्री विवेक कुमार को स्वसहायता समूहों के माध्यम से सूक्ष्म वित्तापूर्ति, सूक्ष्म उद्यम तथा ग्रामीण गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त हैं और सम्प्रति वह उद्यम विस्तार स्कूल के निम्समे एनजीओ नेटवर्क (एन3) में कार्य कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने भारत सरकार के आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की ओर से प्रायोजित विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन कर चुके हैं। वह पीपीपी के माध्यम से 1396 आईटीआई के उन्नतिकर की योजना के अंतर्गत आईएमसी सदस्यों के लिए अभिविन्यास कार्यशालाओं के संचालन में भी विशेष भूमिका अदा कर चुके हैं। वह लगभग एक दशक से कई कार्पोरेट संगठनों में भिन्न हैसियतों पर कार्य कर चुके हैं। विशेषीकृत निष्पादन मूल्यनिरूपण के साथ निगराणी तथा मूल्यांकन एवं प्रशिक्षण तथा विकास गतिविधियों के साथ मानव संसाधन कार्यों की ज़िम्मेदारियों का निर्वाह कर चुके हैं। उन्होंने आईएसओ के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंकेक्षक के रूप में वर्ष 2006 में योग्यता प्राप्त होने के बाद विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय अंकेक्षणों का भी कार्य पूरा किया है।