आविर्भाव

यह निम्समे का प्रशिक्षण सम्बन्धी एक सु-स्थापित घटक है। विश्वभर में परिवर्तन की लहर उद्यमों को भी प्रभावित कर रही हैं। उद्यमों के सभी क्षेत्रों में दिनोंदिन बढते टकरावों के साथ देश में किये जा रहे आर्थिक सुधारों, स्थानीय स्तर के साथ ही वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा प्रौद्योगिकी में तेज़ी से हो रहे परिवर्तन और अन्य प्रभावकारी तत्वों ने उद्यमों प्रबंधन के बारे में भी क्रांतिकारी बदलावों को अनिवार्य बना दिया है। प्रबंधन के ये क्रिया-कलाप शुद्ध रूप से कम खर्चीले एवं सहज स्वीकार्य होने के साथ उद्यम के सभी हिस्सों में समर्थ रूप से अमल में लाने योग्य होने चाहिए। यह उद्यम के लिए अपने अस्तित्व को बनाये रखने के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप में महसूस होता है। इस संदर्भ में विगत औद्योगिक प्रबन्धन विभाग के स्वरूप में परिवर्तन करने के साथ ही उसका पुनर्गठन किया गया और उद्यम प्रबन्धन पाठशाला (एसईएम) के रूप में उसे प्रस्तुत किया गया, जो प्रबन्धन क्रिया-कलापों, बौद्धिक संपदा अधिकार एवं प्रबन्धन शिक्षा को महत्व देता है।

महत्वपूर्ण सक्षमता

यह स्कूल निम्नलिखित क्षेत्रों में सक्षम होने के अलावा प्रशिक्षण एवं परामर्श के माध्यम से अपने कार्यों को अंजाम देता है। इतना ही नहीं, कई बार ग्राहक संगठन की प्राथमिकताओं के अनुसार विषयों का चयन करता है और अनुसंधान के आधार पर सक्रिय रूप से उन्हें सहारा देता है। यह स्कूल पूर्ण क्षमता वाले 5 केन्द्रों के माध्यम से कार्य करता है। इनमें उन्नत प्रबन्धन क्रिया-कलाप के प्रोत्साहन केंद्र, (सी-पाम्प), एकीकृत सामग्री सिस्टम्स एवं सामग्री योजना सम्बन्धी विद्या केन्द्र (सी-लैम्स), औद्योगिक साख एवं वित्तीय सेवा केंद्र (सी-आईसीएफएस), बौद्धिक संपदा अधिकार केंद्र (सी-आईपीआर) तथा पर्यावरण संज्ञान केंद्र (सी-इको) शामिल हैं।

विपणन

• बज़ार सर्वेक्षण और माँग विश्लेषण
• निर्यात, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और व्यवसाय
• औद्योगिक विपणन
• ग्रामीण विपणन
• कृषि प्राप्तियों का विपणन

प्रबंधन प्रशिक्षण कार्य पद्धतियाँ

• भूमिका का निर्वाह
• लघु समूह गतिविधियाँ
• संयंत्र के भीतर अध्ययन
• प्रबंधन मामले
• प्रबंधन अनुकरण और प्रयोग

उत्पादकता और गुणवत्ता

• उत्पादकता का प्रबंधन
• संपूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन
• सांख्यिकीय गुणवत्ता प्रबंधन
• आईएसओ 9000/4000
• ओएचएसएएस
• एचएसीसीपी/ सिक्स सिग्मा

वित्तापूर्ति

• मानव संसाधन प्रबंधन
• औद्योगिक संबंध
• मानव संसाधन एवं प्रणालियाँ
• आईएसओ 9000/ 14000
• ओएचएसएएस
• एचएसीसीपी / सिक्स सिग्मा

बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआरएस)

• बौद्धिक संपदा सृजन, वाणिज्यीकरण और प्रबंधन

ग्राहक

ग्राहकों में सरकारी और गैर सरकारी दोनों प्रकार के संगठन शामिल हैं, जैसे :
• कार्पोरेट क्षेत्र : सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयाँ और निजी क्षेत्र के उद्यम
• लघु और मध्यम उद्यमों के उद्यमी और स्वामी प्रबंधक
• केंद्र तथा राज्य सरकारों के मंत्रालयों तथा विभागों के अधिकारी
• बैंक और वित्तीस संस्थान
• स्वयंसेवी संगठनों के साथ ही उद्योग समर्थन एजेंसियाँ
• अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियाँ इसके अतिरिक्त निर्यात प्रबंधन, संपूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन और आईएसओ 9000 तथा मानव संसाधन प्रबंधन और प्रणालियाँ जैसे क्षेत्रों में छात्रों को ध्यान में रखकर पार्ट टाइम स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किये जाते हैं। यह प्रयास भी निरंतर रूप से कार्यकारी शिक्षा प्रदान करने में सहायक है।

सह-कार्य और सहयोग

टीएसईएम ग्राहकों के लिए मौलिक सामग्री का रूपांकन करने और उसे प्रदान करने में संस्थान के अन्य केंद्रों के साथ सहक्रियाशीलता के साथ कार्य करता है। यह आकर्षक मूल्य वाली, ग्राहक केंद्रित कार्यनिष्पादन वाली प्रगतिपरक सामग्री तैयार करने के लिए अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिल-जुलकर कार्य करता है। यह स्कूल सेवा-क्षेत्र के विशिष्ट ग्राकों को अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध विशेषज्ञता का भी लाभ मुहैया करता है।

दृष्टिकोण

इस स्कूल का दृष्टिकोण मौजूदा उद्यमों को अपने विकास में सक्षम बनाने के लिए आधुनिक प्रबंधन क्रिया-कलापों को सीखने के लिए बेजोड़ स्थान के रूप में अपने आपको स्थापित करना और अपने आपको उभारना है।

ध्येय

यह स्कूल कार्यान्वयन के लिहाज़ से सस्ती परंतु परिणामों के नज़रिये से अत्यंत प्रभावी और उद्योगों की सभी गतिविधियों को समाने वाली आधुनिक प्रबंधन गतिविधियों के प्रचार और प्रसार को साकार करने का ध्येय रखता है। यह देश के भीतर तथा बाहर त्रिसूत्रीय गतिविधियों अर्थात प्रशिक्षण, अनुसंधान और परामर्श का संचालन कर पूरा किया जाता है। इस प्रकार इसकी घोषणा इसे निम्नलिखित गतिविधियों के बारे में कार्य करने के लिए बाध्य करता है :
• उद्योग-विस्तार
• अल्प लागत
• अतिप्रभावशाली

सेवाओं का विस्तार तथा परामर्श के लाभ

उद्यम प्रबंधन स्कूल (सेम) प्रशिक्षण हस्तक्षेप, प्रबंधन परामर्श के माध्यम से क्षमता निर्माण तथा व्यावहारिक अनुसंधान के माध्यम से अन्य ज्ञान आधारित सेवाओं की विस्तृत शृंखला मुहैया करता है। हमारे स्कूल के माध्यम से प्रदान किये जाने वाले प्रत्यक्ष तथा कई परोक्ष लाभों में निम्नलिखित शामिल हैं :
• उत्पादकता-आधारित मूल्य नेतृत्व
• गुणवत्ता आधारित प्रतिस्पर्धिता
• ग्रहक-सह बाज़ार साझेदारी
• पुनर्गठित संगठनात्मक लाभ
• बेंचमार्क आधारित बेहतर गतिविधियाँ