नाम: डॉ. संजीव चतुर्वेदी
पदनाम:  निदेशक

राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थान(निम्समे) 
(सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार का संगठन)
युसूफगुड़ा, हैदराबाद 500 0045, भारत

 फोन नं. . 91-40-23608577 / 23608544
फैक्स : 91-40-23608547 / 23541260
ईमेल : director@nimsme.org
वेबसाइट
: www.nimsme.org



व्यक्तिगत परिचय :

डॉ. संजीव चतुर्वेदी अर्थशास्त्र में स्नातक होने के साथ ही बाज़ार प्रबंधन में एमबीए और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एम.फिल की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं। उन्हें "स्ट्रैटजिक पोस्चर ऑफ स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज़ेस अंडर डब्ल्यूटीओ फ्रेमवर्क" विषय पर अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया जा चुका है। अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक परिवेश और विश्व व्यापार संगठन के बारे में उन्होंने कई शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं। उनके कई शोध-पत्र हॉर्वर्ड, कैम्ब्रिज और आईआईएम आदि द्वारा प्रकाशित किए गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय विपणन के बारे में उच्च अध्ययन के लिए जर्मनी की सीडीजी छात्रवृत्ति पाने वाले वे एकमात्र एशियाई रहे हैं।

डॉ. चतुर्वेदी को उद्योग क्षेत्र में 18 वर्ष और शिक्षा क्षेत्र में 12 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने उद्योग क्षेत्र में लैन एसेडा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के महाप्रबंधक, इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (भारत सरकार का उपक्रम) के उप निदेशक और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (उत्तर प्रदेश) के निवासी निदेशक जैसे वरिष्ठ पदों पर काम किया है।

शेक्षिक क्षेत्र में अपने कार्यकाल के अंतर्गत वे आईआईएलएम-बिजनेस स्कूल, नई दिल्ली में एसोसिएट डीन के तौर पर, सिम्बायोसिस ग्रूप, एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा में प्रोफेसर और सिम्बोसिस ग्रूप, पुणे में डीन के रूप में कार्य कर चुके हैं। वे अमेरिका के सैन बर्नार्डिनो कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी और यूके के लंदन स्थित बर्कबेक यूनिवर्सिटी में अतिथि संकाय के रूप में नियमित आधार पर अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। उन्होंने अपने कॉर्पोरेट और शैक्षणिक क्षेत्र में सेवा के दौरान 34 से अधिक देशों की यात्रा की है।

निम्समे के निदेशक के रूप में कार्यभार संभालने से पूर्व डॉ. संजीव चतुर्वेदी मुंबई स्थित एनजीएएससीई-एनएमआईएमएस विश्वविद्यालय में मुख्य शैक्षणिक अधिकारी (सीएओ) के रूप में कार्यरत थे। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक परिवेश और विश्व व्यापार संगठन उनके पसंदीदा विषय रहे हैं।