Minister

निम्समे ने राष्ट्री य एवं अन्तर्राष्ट्री य दोनों क्षेत्रों में उद्यमिता विकास के लिए चिरस्मरणीय योगदान प्रदान किया। निम्समे द्वारा आयोजित तत्‌कालीन विषयों पर कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं संगोष्ठि5यों से विश्वि भर के कार्यकलापों एवं एमएसएई ने लाभ उठाया। संस्थान के कुछ मूलभूत हस्तक्षेप इस प्रकार हैः पहला अन्तर्राष्ट्रीसय कार्यक्रम (1967), युनीडो के सहयोग से आयोजित हुआ; लघु उद्योग प्रबन्धन के लिए व्यायाम आकृति (एसआई एमएसआईएम) (1987); युनेस्को चैर (1997); लघु एवं मध्यम उद्यम के संवर्धन में अन्तर्राष्ट्री य कार्यशाला (पीआरओएसएमई) (1998); निर्यात उत्पादन गाँव (1999); महिलाओं के लिए व्यापार सम्बन्धी विकास कार्यक्रम (टीआरईएडी) (2000); नये सहस्राब्दी में उद्यमिता विकास (2001); आईएलओ द्वारा बाल मजदूरी उन्मूलन योजना के अन्तर्गत बाल मजदूरों की माताओं के लिए आय उत्पादन नैपुण्य पर प्रशिक्षण (2001); युगान्डा, नमीबिया, दक्षिण अफ्रिका, भूटान, नैजीरिया, सूडान, घाना के साथ बी 2 बी सम्बन्ध, जो राष्ट्रीीय एवं अन्तर्राष्ट्रीआय महत्व को प्रतिबिंबित करते हैं। निम्समे, ग्राहक आधारित विधान के निरन्तर खोज एवं आविष्कार और विश्वै स्तरीय सुविधाएँ, तीक्ष्ण एवं आधुनिक तकनीक आदि के समन्वयन से प्रतिबद्धता एवं नैपुण्य के द्वारा लाभान्वित हुआ। निम्समे, सिर्फ समाधान प्रदाता न होकर, महत्वपूर्ण भागीदारी के रूप में उभर रहा है। निम्समे परिसर की संरचना एवं सुविधाएँ अन्तर्राष्ट्रीरय मानकों की समता में है। ये संस्थान की विशेषता एवं हर गतिविधि को योग्य बनाने वाले स्वाभाविक कौशल को प्रभावित करते हैं। निम्समे ने अपने सभी कार्यों में तकनीक को अपनाया, ताकि समयानुकूल वातावरण बन सके और अपनी सेवाओं को उत्तम बना सके। कलात्मक सुविधाओं की स्थिति, मनोहर वातावरण, प्रमाणित विधान, जो आधुनिक शिक्षण संरचना, अनुभवी प्राध्यपक-गण, कुशल परामर्शदाता एवं स्रोत व्यक्तिवयों से सहारा प्राप्त कर रहा है और इसके अलावा आधुनिक एवं कलात्मक दृष्टिं द्वारा परिपूर्ण, दर्शकों का अनुभव, संस्थान द्वारा प्रदत्त सेवाओं की मानकों को एक नई परिभाषा दी। आज यह संस्थान विश्वप में श्रेष्ठा प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार सेवाओं को प्रदान करने वाला प्रमाणित हुआ है।