कई वर्षों की अपनी यात्रा के दौरान संस्थान ने उद्यमिता विकास, प्राद्योगिकी, प्रबन्धन, विस्तार एवं सूचना सेवाओं के क्षेत्रों में गहरा अनुभव तथा निपुणता हासिल की । अपनी विश्व स्तरीय आधारभूत सुविधाओं के साथ नवीनता लाने की निम्समे की अन्तर्निहित योग्यता ने इसे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के विकास के प्रयासों में विशिष्‍टता हासिल करने में समर्थ बनाया । अपने आविर्भाव से लेकर निम्समे लघु एवं मध्यम उद्योगों को निर्बाध रूप से सहयोग करता आ रहा है और यह उद्यमों के साथ ही संबंधित विकास अभिकरणों (एजेंसिंयों) को अनुसंधान, परामर्श, सूचना, प्रशिक्षण एवं विस्तार सेवाएं प्रदान करने वाले श्रेष्‍ठ संस्थान के रूप में उभरकर सामने आया है।

वर्तमान सयम की ज्ञानाधारित और अस्थिर अर्थव्यवस्था के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के सामने कई तरह की चुनौतियाँ आ रही हैं। ऐसे में वैश्विकरण के दौर के फलस्वरूप बढ़ रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। इसी करण बदलती नीतियों तथा आर्थिक स्थिति से तादात्म्य साधने के लिए निम्समे लगातार आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रमों के साथ ही कार्यशालाओं, संगोष्ठियों आदि का आयोजन करता आ रहा है। ये गतिविधियाँ प्राथमिक तौर पर उद्योग तथा उनकी सहायक व्यवस्थाओं पर केंद्रीत रहती हैं, जिससे इन उद्योगों को उनकी सफलता को प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से प्रभावित करने वाले पहलुओं का मुकाबला करने के लिए सक्षम बनाया जा सके।

वैश्‍वीकरण के मौजूदा दौर में निम्समे की ओर से तैयार किये जाने वाले कार्यक्रम वैश्विक प्रासंगिकता के आधार पर डिज़ाइन किये जाते हैं। इन विशिष्ट कार्यक्रमों के माध्यम से भले ही उद्यमियों को चुनौतियों का सामना करने के लिए सफल रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा हो, उन्हें प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए सहायता करते हो और वैश्विक परिदृष्य में प्रतिस्पर्धिता के दौर के लिए अत्यावश्यक हों, उसके बावजूद निम्समे ने अपनी विशेषज्ञता तथा सेवाओं को भौगोलिक बाधाओं को पार करते हुए अन्य विकासशील देशों तक विस्तारित कर दिया है।

निम्समे विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लाभकारी संपर्क (इंटरफेस) में है। इन संगठनों में सीएफटीसी (तकनीकी सहयोग के लिए राष्ट्रमंडल निधि), यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन), यूएनडीपी (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम) फोर्ड फाउंडेशन, जीटीज़ंड फॉर जर्मनी, यूएसएआईडी (अंतर्राष्ट्रीय विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र अभिकरण) तथा आएलओ (अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन) आदि शामिल हैं।