प्रसार एवं सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र (सी-सीआईटी) की स्थापना वर्ष 1998 में सरकारी संघठनों को आई.टी सुझाव प्रदान करने और भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के अतिरिक्त आईसीटी उद्योग में सुचारू रूप से कार्य की तैयारी के लिए उद्योग निर्माण के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम पर आधारित आवश्यकताओं को प्रदान करने के उद्देश्य से हुई।

सी-सीआईटी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, उद्यमियों एवं आईटीसी उद्योग में कार्यरत अनेक संगठनों के कर्मचारियों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करना है। उपर्युक्त गतिविधियों के अतिरिक्त सी-सीआईटी अपने परामर्श एवं उपदेश सेवाओं के ज़रिये उद्यमियों को सुविधाएँ भी प्रदान करता है। विश्‍व विपणन में उत्पादक खोज / विकास / प्रभाव क्षेत्र में अपनी गुणवत्ता को बढाने में एमएसएमई के कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं उद्यमियों को अपने कौशल विकास कार्यक्रमों के द्वारा आईटी कौशल प्रदान करने की सुविधा भी केन्द्र करता है।

विश्व की आर्थिक स्थिति में एमएसएमई को आगे बढ़ाने में आईटी शिक्षण एवं आईटी संबंधित उद्यम के संवर्धन द्वारा ज्ञान-आधारित संघ के निर्माण में योगदान का प्रयास सी-सीआईटी सहायता करने के लिए करता है।

सूचना एवं प्रसार प्रौद्योगिकी में कौशल एवं व्यवसायिकों की बढती माँग की आवश्यकतानुसार सी-सीआईटी में कलात्मक संरचना एवं उच्च योग्यताओं के साथ आईटी व्यवसायिक एवं अनुभव पूर्ण व्यवसायिकों की सेवाएँ विद्यमान हैं।

समयानुसार माँग पर आधारित अन्य कार्यक्रमों के अतिरिक्त विद्यमान शिक्षण कार्यक्रम इस प्रकार हैं :

उन्नत डिप्लोमा कार्यक्रम (एक वर्ष का)
* 2 डी एवं 3 डी एनिमेशन में उन्नत डिप्लोमा
* मल्टी मीडिया में उन्नत डिप्लोमा

प्रमाण-पत्र कार्यक्रम
1 मेडिकल ट्रान्सक्रिपशन
2 हार्डवेर एवं नेटवर्किंग
3 एम्बेडेड सिस्टम्स
4 वीएलएसआई डिजाइन